कोकून
उलझे रेशम सी संवेदनाओं से संवाद करता मन ...कभी कभी तितली बन उड़ जाना चाहता है!!!
Saturday, 2 May 2020
तुमने प्यास को पानी में बदला
मैंने फिर से उसे प्यास बना दिया
और यूँ ही
एक और जन्म का इंतज़ार दे गई
ये आधी अधूरी सी मुलाक़ात....!
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