उलझे रेशम सी संवेदनाओं से संवाद करता मन ...कभी कभी तितली बन उड़ जाना चाहता है!!!
मुश्किलों से टुकड़े टुकड़े जोड़ कर तुम्हारी तस्वीर बनाईऔर फिर कस कर भींच लिया अपनी मुठ्ठियों को .....खूब कहा ...बहुत बढ़िया ........
kuchh lamhe, kuchh log behad khas,behad anmol hote hain na...
मुश्किलों से टुकड़े टुकड़े जोड़ कर
ReplyDeleteतुम्हारी तस्वीर बनाई
और फिर
कस कर भींच लिया
अपनी मुठ्ठियों को .....
खूब कहा ...बहुत बढ़िया ........
kuchh lamhe, kuchh log behad khas,behad anmol hote hain na...
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