Friday, 21 May 2021

होली 2020

 दिलवालों की दिल्ली देखो

आज लहू से नहाई है

फागुन के महीने में अब की

ख़ून की होली आयी है.

फर्क़ न कोई पाया होगा

रंग रक्त का लाल ही होगा

प्रेम, ख़ुशी के मौके पर क्यूँ

नफ़रत आज फैलाई है?

जाति - धर्म के बंधन तोड़ो

बोल एकता के सब बोलो

चंद जनों के स्वार्थ ने मिलकर

ये दीवार बनाईं हैं.

भूल सभी अन्तर और बैर

दुश्मन की न होगी ख़ैर

एक रंग में नाचो झूमो

मस्ती की ऋतु आयी है....!! 

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