Saturday, 8 March 2014

दफनाये हुये जिस्म चुप नहीं रहते ...एक खामोश जिंदगी बिताने के बाद ...!अक्सर दबी सी गुफ़्तगू होती है उनकी खाक में मिले अरमानों से !!!!

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