कोकून
उलझे रेशम सी संवेदनाओं से संवाद करता मन ...कभी कभी तितली बन उड़ जाना चाहता है!!!
Monday, 10 February 2014
अब तो पलकों ने भी बगावत कर दी है .....
तुम मिलो तो कुछ कतरे टपकेंगे !!!
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