तेजाबी चेहरों को जिलाने से
अन्तर्मन के चिथडों में विभाजित होने तक
एक पूरा का पूरा
भ्रमित अध्याय लिख जाते हो तुम -
जलन ,सिर्फ तेजाब ही नहीं देता
चिथड़े ,बारूद के ढेर की ही उपज नहीं होते .......
लिखो !
पुनः लिखो यह अध्याय !
इस बार भ्रम सर्वथा परे रहें
कविता के सत्य से......!!!
अन्तर्मन के चिथडों में विभाजित होने तक
एक पूरा का पूरा
भ्रमित अध्याय लिख जाते हो तुम -
जलन ,सिर्फ तेजाब ही नहीं देता
चिथड़े ,बारूद के ढेर की ही उपज नहीं होते .......
लिखो !
पुनः लिखो यह अध्याय !
इस बार भ्रम सर्वथा परे रहें
कविता के सत्य से......!!!
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