कोकून
उलझे रेशम सी संवेदनाओं से संवाद करता मन ...कभी कभी तितली बन उड़ जाना चाहता है!!!
Thursday, 19 June 2025
शिराओं में गहरे तक उतरे हो इतना कि चोट लगने पर तुम्हारा ही चेहरा उभर आता है....
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