Thursday, 19 June 2025

भविष्य

पुराने कबाड़ से भरी दुछत्ती में अब भी गंधाती है पूर्वजों के हाथों की महक... नमी के कटोरे पलकों से ढक कर रखना ऑक्सीजन सिलेंडर से चलती बेतरतीब सांसों का संबल बनेंगे। घेरों के भीतर मछली पालते भ्रम में कृत्रिम घास का हरापन उछालें मारेगा । पत्थर की चक्की पर लकीरें खींचते कल की आँखों में आँगन का सौंधापन कहां से आएगा?

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