Sunday, 29 December 2013

सुनो नदियो
सारे सपने, हँसी,आँसू ,
प्रेम ,बेवफ़ाई और दर्द की तहरीरें
गिन गिन के बीन लो
और बहा लो अपने साथ -
फिर भी 
तुम्हारे बहते जाने की दिशा
समंदर की ओर ही रहेगी .....
अब खतम करो अपना ये भरत मिलाप
और चल पड़ो मिटाने अपना अस्तित्व
क्यूकि
गुम हुये रिश्तों को ही शिद्दत से
तलाशते हैं लोग
और समंदर में तुम्हारा घुल जाना ही
नई सोच के साथ देगा
तुम्हारे पुराने सपनों को
बादलों सा पुनर्जन्म ......!!!!
 —

No comments:

Post a Comment