Sunday, 29 December 2013

लगातार तेज़ बारिश ....मन फिर भी गुनगुना सा ....
आज नहीं तो कल... 
बूंदों का एक होना ,सैलाब तो लाएगा ही ...
चाहे झीलों में या आँखों में .....!!!

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